Huzoor e Akram, Shafi e Roz e Jaza ﷺ ki jashn e wiladat har aashiq e rasool ke liye sab se badi khushi ka mauqa hai.
Ameer e Ahl e Sunnat, Hazrat Allama Maulana Ilyas Attar Qadri sahab ka likha yeh khoobsurat kalam ‘Aa Gaye Sarkar Mere Aa Gaye Sarkar’ aqa ki aamad ke jashn ko nihayat hi josh o jazbe ke sath bayan karta hai.
Aaiye is muqaddas aur aqeedat se bharpoor Naat ke shers ko nihayat hi adab aur ehtiraam ke sath padhein.
| Naat Information | Details |
| Naat Title | Aa Gaye Sarkar Mere Aa Gaye Sarkar |
| Poet / Writer | Hazrat Allama Maulana Ilyas Attar Qadri (Attar) |
| Category | Naat / Milad Lyrics |
| Naatkhawan / Reciter | Al-Haj Muhammad Owais Raza Qadri |
Naat Lyrics in Roman
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Khaalike Kual Aye Rabbe Ulaa ! Shukr Tera kyun kar ho adaa
Ham ko Mahboob diya , Rutba Jiska sab se Siwa
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Jinki Khalil Dua maange, Jinki Maseeh bashaarat de
Jinki Gawaahi Patthar de, Jinse Sab dukh dard kahein
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aaj to Rashke Khuld banaa , Hujra Aamena Bibi ka
Kaaba bhi Sajde ko juka , Haami-e-Kaaba aa pahuncha
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Eid e Miladunnabi hai Dil bada masroor hai
Eid Diwanon ki toh Barah Rabi-unnur hai
Is taraf jo Noor hai to Us taraf bhi noor hai
Zarra zarra sab jahan ka noor se mamoor hai
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Jab talak ye chaand taare jilmilate jayeinge
Tab talak Jashne Wiladat Ham manate jayeinge
Zikre Milaade Mubaarak kaise chhodein Ham bhala
Jinka Khaate hein Unhi ke geet gate jayenge
Naate Sultaane Madina gungunaate jayeinge
Ya Rasulallah ka Naara lagaate jayeinge
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aaj hai Jashne wilaadat Marhaba Ya Mustafa
Aaj aaye Jaane Rahmat Marhaba Ya Mustafa
Aaye Lamhaate Musharraf Marhaba Ya Mustafa
Aaj aaye Jaane Rahmat Marhaba Ya Mustafa
Marhaba Ya Mustafa Marhaba Ya Mustafa
Jinki Khalil dua mange Jinki Maseeh basharat de
Jinki Gawahi Patthar de Jinse Sab dukh dard kahein
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Dhoom hai Attar har soo Shah ke Milad ki
Jhoom kar Tum bhi pukarao Marhaba Ya Mustafa
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Aa gaye Sarkar Mere Aa gaye sarkar
Naat Lyrics in Hindi
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
खालिके कुल अये रब्बे उला ! शुक्र तेरा क्युं कर हूँ बयां
हमको मेहबूब दिया, रुतबा जिसका सब से सिवा
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
जिनकी खलील दुआ मांगे, जिनकी मसीह बशारत दे
जिनकी गवाही पत्थर दे, जिनसे सब दुःख दर्द कहें
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
आज तो रश्के खुल्द बना, हुजरा आमेना बीबी का
काबा भी सजदे को जुका , हामी-इ-काबा आ पहुंचा
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
आ गए सरकार मेरे आ गए सरकार
किस्मत में मेरी चैन से जीना लिख दे नाट्सलिरिक्स
किस्मत में मेरी चैन से जीना लिख दे नाट्सलिरिक्स
रहेंगे हश्र तक बाक़ी बहात्तर कर्बला वाले
यज़ीदी मिट गये लेकिन, हैं घर घर कर्बला वाले
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म
हम ग़रीबों के दिन भी सँवर जाएँगे
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म
हामी-ए-बेकसाँ, क्या कहेगा जहाँ
आप के दर से ख़ाली अगर जाएँगे
ताजदार-ए-हरम, निगाह-ए-कर्म!!
ताजदार-ए-हरम, कर्म कर्म!!
चश्म-ए-रहमत ब-कुशा सूए मन अंदाज़े नज़र
ऐ क़ुरैशी लक़बी हाशमी ओ मुत्तलबी
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!!
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!!
क्या तुमसे कहूँ ऐ रब्ब के कुँवर
तुम जानत हो मन की बत्तियाँ
दर फ़ुर्क़त तो ऐ उम्मी लक़ब
काटे न कतत है अब रतियाँ
तोरी प्रीत में सुध बुध सब बिसरी
कब तक ये रहेगी बे-ख़बरी
गाहे बफ़गन दुज़दीदा नज़र
कभी सुन भी तो लो हमरी बत्तियाँ
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!!
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!!
कोई अपना नहीं ग़म के मारे हैं हम
आप के दर पे फ़रियाद लाए हैं हम
हो निगाह-ए-कर्म, निगाह-ए-कर्म
हो निगाह-ए-कर्म, वरना चौखट पे हम
आप का नाम ले ले के मर जाएँगे!!
ताजदार-ए-हरम, निगाह-ए-कर्म!!
ताजदार-ए-हरम, कर्म कर्म!!
मैकशो आओ आओ मदीने चलें
चश्म-ए-साक़ी-ए-कौसर से पीने चलें
याद रखो अगर, उठ गई एक नज़र
जितने ख़ाली हैं सब जाम भर जाएँगे
ताजदार-ए-हरम, निगाह-ए-कर्म!!
ताजदार-ए-हरम, कर्म कर्म!!
ख़ौफ़-ए-तूफ़ान है, बिजलियों का है डर
सख्त मुश्किल है आक़ा किधर जाएँ हम
आप ही गर न लेंगे, हमारी ख़बर
हम मुसीबत के मारे किधर जाएँगे!
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!!
हम ग़रीबों के दिन भी सँवर जाएँगे
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!
ताजदार-ए-हरम, निगाह-ए-कर्म!!
ताजदार-ए-हरम, कर्म कर्म!!
ताजदार-ए-हरम…
मैं साहिल हूँ मेरी औक़ात क्या है
तुम आक़ा हो, तुम्हारी बात क्या है
चश्म-ए-रहमत ब-कुशा
सूए मन अंदाज़े नज़र
ऐ क़ुरैशी लक़बी हाशमी ओ मुत्तलबी
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म!!
कहना सबा हुज़ूर से, कहता है एक ग़ुलाम
बस एक नज़र हो, एक नज़र का सवाल है
या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह, या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह
या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह, या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह
फिर उजड़ों को लाल दे,
जान पत्थरों में डाल दे
हावी हो मुस्तक़बिल पे हम,
माज़ी सा हमको हाल दे
दावा है तेरी चाह का,
इस उम्मत-ए-गुमराह का
तेरे सिवा कोई नहीं, या रहमत-अल-लिल-आलमीन
या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह, या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह
या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह, या मुस्तफ़ा सल्लल्लाह
या मुस्तफ़ा, या मुज्तबा, इरहम-लना, इरहम-लना
दस्ते हमह बे-चारा रा
दामां तूही, पुरसा तूही
मन आसीयम, मन आजिज़म
मन बेकसम, हाल-ए-मरा
या शफ़ी-ए-रोज़-ए-जज़ा
पुरसा तूही, पुरसा तूही
ऐ मुश्कबूए अम्बर फ़िशां
पैक-ए-नसीम-ए-सुबह-ए-हरम
ऐ चारागर ईसा नफ़स
ऐ मूनिस-ए-बीमार-ए-ग़म
ऐ क़ासिद-ए-फ़रख़ुन्दा पय
तुझको उसी गुल की क़सम
इबनित्तैयारी हब्बी सबा
यौमन इला अर्ज़िल हरम
बल्लिग़ सलामी रौज़तन
फ़िहान्नबिय्युल मोहतरम
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म
हम ग़रीबों के दिन भी सँवर जाएँगे
हामी-ए-बेकसाँ क्या कहेगा जहाँ
आप के दर से ख़ाली अगर जाएँगे
तजल्लियों की अजब है फ़ज़ा मदीने में
निगाह-ए-शौक़ की है इन्तेहा मदीने में
ग़म-ए-हयात न ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ मदीने में
नमाज़-ए-इश्क़ करेंगे अदा मदीने में
इधर उधर न भटकते फिरो ख़ुदा के लिए
बराह-ए-रास्त है राह-ए-ख़ुदा मदीने में
मदीने चलें, आओ मदीने चलें
इसी महीने चलें, चलो मदीने चलें
मैकशों आओ आओ मदीने चलें
दस्त-ए-साक़ी-ए-कौसर से पीने चलें
याद रखो अगर, उठ गई एक नज़र
जितने ख़ाली हैं सब जाम भर जाएँगे
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म
आपके दर से न कोई ख़ाली गया
अपने दामन को भर के सवाली गया
हो हबीब-ए-हज़ीं पर भी आक़ा नज़र
वरना औराक़-ए-हस्ती बिखर जाएँगे
ताजदार-ए-हरम, हो निगाह-ए-कर्म
ताजदार-ए-हरम!!!!!
Naat Lyrics in Urdu
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
خالقِ کل اے ربِ علیٰ! شکر تیرا کیوں کر ہو ادا
ہم کو محبوب دیا، رتبہ جس کا سب سے سوا
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
جن کی خلیلؑ دعا مانگیں، جن کی مسیحؑ بشارت دیں
جن کی گواہی پتھر دے، جن سے سب دکھ درد کہیں
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آج تو رشکِ خلد بنا، حجرہ آمنہؑ بی بی کا
کعبہ بھی سجدے کو جھکا، حامیِ کعبہ آ پہنچا
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
عیدِ میلاد النبیؐ ہے دل بڑا مسرور ہے
عید دیوانوں کی تو بارہ ربیع النور ہے
اس طرف جو نور ہے تو اس طرف بھی نور ہے
ذرہ ذرہ سب جہاں کا نور سے معمور ہے
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
جب تلک یہ چاند تارے جھلملاتے جائیں گے
تب تلک جشنِ ولادت ہم مناتے جائیں گے
ذکرِ میلادِ مبارک کیسے چھوڑیں ہم بھلا
جن کا کھاتے ہیں انہی کے گیت گاتے جائیں گے
نعتِ سلطانِ مدینہ گنگناتے جائیں گے
یا رسول اللہؐ کا نعرہ لگاتے جائیں گے
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آج ہے جشنِ ولادت مرحبا یا مصطفیٰؐ
آج آئے جانِ رحمت مرحبا یا مصطفیٰؐ
آئے لمحاتِ مشرف مرحبا یا مصطفیٰؐ
آج آئے جانِ رحمت مرحبا یا مصطفیٰؐ
مرحبا یا مصطفیٰؐ مرحبا یا مصطفیٰؐ
جن کی خلیلؑ دعا مانگیں جن کی مسیحؑ بشارت دیں
جن کی گواہی پتھر دے جن سے سب دکھ درد کہیں
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
دھوم ہے عطار ہر سو شاہ کے میلاد کی
جھوم کر تم بھی پکارو مرحبا یا مصطفیٰؐ
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار
آ گئے سرکار میرے آ گئے سرکار