सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर / Ser-E-Gulshan Kon Dekhe Dasht-E-Taiba Chor Kar Naat Lyrics
सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर सर-गुज़श्त-ए-ग़म कहूँ किस से तेरे होते हुए …
सैर-ए-गुलशन कौन देखे, दश्त-ए-तयबा छोड़ कर सू-ए-जन्नत कौन जाए, दर तुम्हारा छोड़ कर सर-गुज़श्त-ए-ग़म कहूँ किस से तेरे होते हुए …