अजब रंग पर है बहार-ए-मदीना | Ajab Rang Par He Bahaar-E-Madina NAAT LYRICS
अजब रंग पर है बहार-ए-मदीना कि सब जन्नतें हैं निसार-ए-मदीना मुबारक रहे, ‘अंदलीबो ! तुम्हें गुल हमें गुल से बेहतर …
अजब रंग पर है बहार-ए-मदीना कि सब जन्नतें हैं निसार-ए-मदीना मुबारक रहे, ‘अंदलीबो ! तुम्हें गुल हमें गुल से बेहतर …