Maa Ki Dua Jannat Ki Hawa Lyrics (Hindi, Urdu, Roman & Gujarati)
“माँ की दुआ जन्नत की हवा” एक बेहद ख़ूबसूरत और दिल को छू लेने वाला कलाम है जो माँ की अज़मत, उसकी मोहब्बत और उसकी दुआओं की ताक़त को बयान करता है। इस रूहानी कलाम को अल्लामा निसार अली उजागर ने लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी ज़िंदगी की हर कामयाबी को अपनी माँ की दुआओं का नतीजा क़रार दिया है।
इस कलाम की एक ख़ासियत यह है कि इसे Male और Female दोनों आवाज़ों में पढ़ा गया है। मशहूर नात-ख़्वाँ मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी ने इसे लड़के के नज़रिये से पढ़ा है, जबकि नन्ही बच्ची आयत आरिफ़ ने इसे लड़की के नज़रिये से पढ़कर लाखों लोगों के दिलों को जीता है। इस पेज पर आपको दोनों संस्करणों के बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।
कलाम की जानकारी (Kalam Information Table)
| फीचर (Feature) | विवरण (Details) |
|---|---|
| कलाम का उनवान | माँ की दुआ जन्नत की हवा / ख़ुदा ने मुझ को दिया माँ तेरी दुआओं से |
| शायर (Poet) | अल्लामा निसार अली उजागर |
| नशीद-ख़्वाँ (Artists) | मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी, आयत आरिफ़ |
| कलाम की क़िस्म | नशीद / नात |
“Maa Ki Dua Jannat Ki Hawa” Full Lyrics (Male & Female Versions)
Male Version (मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी)
हिन्दी:
ख़ुदा ने मुझ को दिया, माँ! तेरी दुआओं से,
मिला है जो भी मिला, माँ! तेरी दुआओं से।जहाँ जहाँ भी गया लोग दिल बिछाने लगे,
ये एहतिराम मिला, माँ! तेरी दुआओं से।मुझे गिराने पे हासिद तुले हुए थे मगर,
मैं दुश्मनों से बचा, माँ! तेरी दुआओं से।क़सम है, इस में उजागर का कुछ कमाल नहीं,
‘उरूज इस को मिला, माँ! तेरी दुआओं से।
Roman:
Khuda ne mujh ko diya, Maa! teri duaon se,
Mila hai jo bhi mila, Maa! teri duaon se.Jahan jahan bhi gaya log dil bichhane lage,
Ye ehtiraam mila, Maa! teri duaon se.Mujhe giraane pe haasid tule hue the magar,
Main dushmanon se bacha, Maa! teri duaon se.Qasam hai, is mein ‘Ujaagar’ ka kuch kamaal nahin,
‘Urooj is ko mila, Maa! teri duaon se.
Female Version (आयत आरिफ़)
हिन्दी:
ख़ुदा ने मुझ को दिया, माँ! तेरी दुआओं से,
जहाँ जहाँ भी गई लोग दिल बिछाने लगे,
ये एहतिराम मिला, माँ! तेरी दुआओं से।ये कामियाबियाँ, शोहरत क़दम क़दम पे मिली,
नसीब ऐसा मिला, माँ! तेरी दुआओं से।मैं ज़िंदगी की हर इक दौड़ में रही आगे,
कोई हरा न सका, माँ! तेरी दुआओं से।
Roman:
Khuda ne mujh ko diya, Maa! teri duaon se,
Jahan jahan bhi gayi log dil bichhane lage,
Ye ehtiraam mila, Maa! teri duaon se.Ye kaamiyabiyan, shohrat qadam qadam pe mili,
Naseeb aisa mila, Maa! teri duaon se.Main zindagi ki har ik daud mein rahi aage,
Koi hara na saka, Maa! teri duaon se.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
Q1. इस कलाम का मुख्य संदेश क्या है?
इस कलाम का मुख्य संदेश माँ की अज़मत और उसकी दुआओं की अहमियत को उजागर करना है। शायर यह बता रहा है कि एक इंसान अपनी ज़िंदगी में जो कुछ भी हासिल करता है – इज़्ज़त, शोहरत, कामयाबी और मुश्किलों से हिफ़ाज़त – वो सब माँ की दुआओं का ही असर होता है।
ज़रूरी लिंक्स (Important Links)
- Female Version सुनें: आयत आरिफ़ की आवाज़ में यह कलाम सुनें।
- Male Version सुनें: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी की आवाज़ में यह कलाम सुनें।
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