Husain Jaisa Shaheed-e-Azam Jahaan Mein Koi Huwa Nahin Hai Lyrics

Husain Jaisa Shaheed-e-Azam Jahaan Mein Koi Huwa Nahin Hai Lyrics

“हुसैन जैसा शहीद-ए-आ’ज़म जहाँ में कोई हुआ नहीं है, छुरी के नीचे गला है लेकिन किसी से कोई गिला नहीं है”, यह सिर्फ़ एक शेर नहीं, बल्कि कर्बला के मैदान में दी गई उस अज़ीम क़ुर्बानी की पूरी दास्तान है जो शहज़ादा-ए-कौनैन, हज़रत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) ने इस्लाम को बचाने के लिए पेश की। यह दिल को छू लेने वाली मनक़बत उसी बेमिसाल शहादत को एक ख़ूबसूरत नज़राना-ए-अक़ीदत है।

इस कलाम को मशहूर-ओ-मारूफ़ क़ारी, क़ारी रियाज़ुद्दीन साहब ने अपनी दर्द भरी आवाज़ में पढ़कर हर आशिक़-ए-अहल-ए-बैत के दिल में बसा दिया है। इस पेज पर आपको इस रूहानी मनक़बत के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।

मनक़बत की जानकारी (Manqabat Information Table)

 

फीचर (Feature)विवरण (Details)
कलाम का उनवानहुसैन जैसा शहीद-ए-आ’ज़म जहाँ में कोई हुआ नहीं है
किसकी शान मेंहज़रत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम)
मशहूर नात-ख़्वाँक़ारी रियाज़ुद्दीन (Qari Riyazuddin)
कलाम की क़िस्ममनक़बत / सलाम

“Husain Jaisa Shaheed-e-Azam” Full Manqabat Lyrics

Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)

हुसैन जैसा शहीद-ए-आ’ज़म जहाँ में कोई हुआ नहीं है,
छुरी के नीचे गला है लेकिन किसी से कोई गिला नहीं है।

‘अदू थे जब सर पे तेग़ तोले, हुसैन सज्दे में जा के बोले,
मदीने वालो! गवाह रहना, नमाज़ मेरी क़ज़ा नहीं है।

पुकारे ‘अब्बास, ए सकीना! मैं पानी लाऊँगा ख़ूब पीना,
कटे हैं बाज़ू, छिदा है सीना, अभी मेरा सर कटा नहीं है।

ग़रीब उम्मत की बेबसी पर हुसैन का सर कटा है लेकिन,
यज़ीद जैसे शक़ी के आगे हुसैन का सर झुका नहीं है।

Roman English Lyrics

Husain jaisa Shaheed-e-Azam jahan mein koi huwa nahin hai,
Chhuri ke neeche gala hai lekin kisi se koi gila nahin hai.

‘Adu the jab sar pe tegh tole, Husain sajde mein jaa ke bole,
Madine waalo! gawaah rehna, namaz meri qaza nahin hai.

Pukare ‘Abbas, aye Sakina! main paani launga khoob peena,
Kate hain baazu, chhida hai seena, abhi mera sar kata nahin hai.

Ghareeb ummat ki bebasi par Husain ka sar kata hai lekin,
Yazeed jaise shaqee ke aage Husain ka sar jhuka nahin hai.

Urdu Lyrics (اردو کے بول)

حسین جیسا شہیدِ اعظم جہاں میں کوئی ہوا نہیں ہے
چھری کے نیچے گلا ہے لیکن کسی سے کوئی گلہ نہیں ہے

عدو تھے جب سر پہ تیغ تولے، حسین سجدے میں جا کے بولے
مدینے والو! گواہ رہنا، نماز میری قضا نہیں ہے

پکارے عباس، اے سکینہ! میں پانی لاؤں گا خوب پینا
کٹے ہیں بازو، چھدا ہے سینہ، ابھی میرا سر کٹا نہیں ہے

غریب امت کی بے بسی پر حسین کا سر کٹا ہے لیکن
یزید جیسے شقی کے آگے حسین کا سر جھکا نہیں ہے

Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)

હુસૈન જૈસા શહીદ-એ-આ’ઝમ જહાં મેં કોઈ હુઆ નહીં હૈ,
છુરી કે નીચે ગલા હૈ લેકિન કિસી સે કોઈ ગિલા નહીં હૈ.

‘અદૂ થે જબ સર પે તેગ તોલે, હુસૈન સજદે મેં જા કે બોલે,
મદીને વાલો! ગવાહ રહના, નમાઝ મેરી કઝા નહીં હૈ.

પુકારે ‘અબ્બાસ, એ સકીના! મૈં પાની લાઉંગા ખૂબ પીના,
કટે હૈં બાઝૂ, છિદા હૈ સીના, અભી મેરા સર કટા નહીં હૈ.

ગરીબ ઉમ્મત કી બેબસી પર હુસૈન કા સર કટા હૈ લેકિન,
યઝીદ જૈસે શકી કે આગે હુસૈન કા સર ઝુકા નહીં હૈ.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

Q1. “शहीद-ए-आ’ज़म” का क्या मतलब है?

“शहीद-ए-आ’ज़म” का मतलब है “सबसे बड़ा शहीद”। यह लक़ब हज़रत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) को उनकी अज़ीम और बेमिसाल क़ुर्बानी की वजह से दिया जाता है।

Q2. इस मनक़बत का मुख्य पैग़ाम क्या है?

इस मनक़बत का मुख्य पैग़ाम हक़ पर क़ायम रहना और बातिल (बुराई) के आगे कभी न झुकना है, चाहे कितनी ही बड़ी क़ुर्बानी क्यों न देनी पड़े। हज़रत इमाम हुसैन ने अपना सब कुछ लुटा दिया, लेकिन ज़ालिम यज़ीद के आगे सर नहीं झुकाया और इस्लाम के उसूलों को ज़िंदा रखा।

ज़रूरी लिंक्स (Important Links)

  • YouTube पर सुनें: क़ारी रियाज़ुद्दीन की आवाज़ में यह मनक़बत सुनें।
  • और जानें: हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के बारे में और पढ़ें।
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