Apne Nana Ka Wada Nibhane Karbala Mein Hussain Aa Rahe Hain Lyrics
“अपने नाना का वा’दा निभाने, कर्बला में हुसैन आ रहे हैं” यह एक ऐसा रूहानी कलाम है जो हज़रत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) के उस अज़ीम सफ़र की दास्तान बयान करता है जो उन्होंने मदीना शरीफ़ से कर्बला तक दीन-ए-इस्लाम को बचाने के लिए तय किया। इस दिल को छू लेने वाली मनक़बत को तफ़्सीर रज़ा अमजदी ने अपनी क़लम से सजाया है।
इस कलाम को विश्व प्रसिद्ध नात-ख़्वाँ हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी ने अपने ख़ास जोशीले अंदाज़ में पढ़ा है, जो हर सुनने वाले के दिल में इश्क़-ए-हुसैन के जज़्बे को और बढ़ा देता है। इस पेज पर आपको इस मुबारक मनक़बत के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।
मनक़बत की जानकारी (Manqabat Information Table)
“Apne Nana Ka Wada Nibhane” Full Manqabat Lyrics
Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)
अपने नाना का वा’दा निभाने, कर्बला में हुसैन आ रहे हैं,
दीन की शान-ओ-शौकत बचाने, कर्बला में हुसैन आ रहे हैं।इक तरफ़ है हज़ारों का लश्कर, एक जानिब फ़क़त हैं बहत्तर,
अपने बाबा की जुरअत दिखाने, कर्बला में हुसैन आ रहे हैं।दीन-ए-हक़ का ‘अलम हाथ में है, ज़ुल्फ़िक़ार-ए-‘अली साथ में है,
क़स्र-ए-ज़ुल्म-ओ-सितम को गिराने, कर्बला में हुसैन आ रहे हैं।छोड़ कर अपने नाना का कूचा, या’नी, ‘तफ़्सीर’! शहर-ए-मदीना,
शम’-ए-हक़्क़-ओ-सदाक़त जलाने, कर्बला में हुसैन आ रहे हैं।
Roman English Lyrics
Apne Nana ka wa’da nibhane, Karbala mein Hussain aa rahe hain,
Deen ki shaan-o-shaukat bachane, Karbala mein Hussain aa rahe hain.Ik taraf hai hazaaron ka lashkar, ek jaanib faqat hain bahattar,
Apne Baba ki jur’at dikhane, Karbala mein Hussain aa rahe hain.Deen-e-Haq ka ‘alam haath mein hai, Zulfiqar-e-Ali saath mein hai,
Qasr-e-zulm-o-sitam ko girane, Karbala mein Hussain aa rahe hain.Chhod kar apne Nana ka koocha, ya’ni, ‘Tafseer’! shehr-e-Madina,
Sham’-e-haqq-o-sadaaqat jalane, Karbala mein Hussain aa rahe hain.
Urdu Lyrics (اردو کے بول)
اپنے نانا کا وعدہ نبھانے، کربلا میں حسین آرہے ہیں
دین کی شان و شوکت بچانے، کربلا میں حسین آرہے ہیںاک طرف ہے ہزاروں کا لشکر، ایک جانب فقط ہیں بہتر
اپنے بابا کی جرأت دکھانے، کربلا میں حسین آرہے ہیںدینِ حق کا علم ہاتھ میں ہے، ذوالفقارِ علی ساتھ میں ہے
قصرِ ظلم و ستم کو گرانے، کربلا میں حسین آرہے ہیںچھوڑ کر اپنے نانا کا کوچہ، یعنی، تفسیرؔ! شہرِ مدینہ
شمعِ حق و صداقت جلانے، کربلا میں حسین آرہے ہیں
Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)
અપને નાના કા વા’દા નિભાને, કરબલા મેં હુસૈન આ રહે હૈં,
દીન કી શાન-ઓ-શૌકત બચાને, કરબલા મેં હુસૈન આ રહે હૈં.ઇક તરફ હૈ હઝારોં કા લશ્કર, એક જાનિબ ફકત હૈં બહત્તર,
અપને બાબા કી જુરઅત દિખાને, કરબલા મેં હુસૈન આ રહે હૈં.દીન-એ-હક કા ‘અલમ હાથ મેં હૈ, ઝુલ્ફિકાર-એ-‘અલી સાથ મેં હૈ,
કસ્ર-એ-ઝુલ્મ-ઓ-સિતમ કો ગિરાને, કરબલા મેં હુસૈન આ રહે હૈં.છોડ કર અપને નાના કા કૂચા, યા’ની, ‘તફસીર’! શહર-એ-મદીના,
શમ’-એ-હક્ક-ઓ-સદાકત જલાને, કરબલા મેં હુસૈન આ રહે હૈં.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
Q1. इस कलाम में “नाना का वादा” से क्या मुराद है?
“नाना का वादा” से मुराद दीन-ए-इस्लाम की हिफ़ाज़त का वो वादा है जो हर नबी और उनके वारिसों के ज़िम्मे होता है। हज़रत इमाम हुसैन अपने नाना, हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) के लाए हुए दीन को यज़ीद जैसे ज़ालिम से बचाने के लिए कर्बला गए और इस वादे को अपनी और अपने ख़ानदान की क़ुर्बानी देकर पूरा किया।
Q2. “क़स्र-ए-ज़ुल्म-ओ-सितम” का क्या मतलब है?
इसका मतलब है “ज़ुल्म और अत्याचार का महल”। शायर कह रहा है कि हज़रत इमाम हुसैन, यज़ीद के ज़ुल्म और सितम की सल्तनत को गिराने के लिए कर्बला आ रहे हैं।
ज़रूरी लिंक्स (Important Links)
- YouTube पर सुनें: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी की आवाज़ में यह मनक़बत सुनें।
- और जानें: हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के बारे में और पढ़ें।
- नात-ख़्वाँ का चैनल: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी का ऑफिशियल यूट्यूब चैनल।