bahut kathin hai dagar panghat ki lyrics December 28, 2025December 26, 2025 by Naat Razaबहुत कठिन है डगर पनघट की कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकीपनिया भरन को मैं जो गई थी दौड़ झपट मोरी मटकी पटकीबहुत कठिन है डगर पनघट की ‘ख़ुसरव’ निज़ाम के बल-बल जइएलाज रखो मेरे घूँघट पट की कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकीबहुत कठिन है डगर पनघट की