जाने वाले नहीं आने वाले: आला हजरत की एक दिल छू लेने वाली नात

जाने वाले नहीं आने वाले – नात के बोल हिंदी, उर्दू, गुजराती और रोमन में

“जाने वाले नहीं आने वाले” एक प्रसिद्ध नात है जिसे इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी, जिन्हें “आला हज़रत” के नाम से भी जाना जाता है, ने लिखा है। यह नात पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के प्रति गहरे प्रेम और भक्ति की भावना को व्यक्त करती है। इसमें मदीना जाने वालों के प्रति एक लालसा और ईर्ष्या का भाव है, और यह नात पढ़ने और सुनने वालों के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ती है। नीचे इस नात के बोल उर्दू, हिंदी, गुजराती और रोमन अंग्रेजी में दिए गए हैं, साथ ही एक विस्तृत जानकारी तालिका और आगे की खोज के लिए लिंक भी दिए गए हैं।


नात जानकारी तालिका

गुणविवरण
शीर्षकजाने वाले नहीं आने वाले
शायरइमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी (आला हज़रत)
शैलीनात शरीफ
भाषाउर्दू
विषयपैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के प्रति प्रेम और लालसा

शायर के बारे में: इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी

H2: इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी का जीवन और विरासत

इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी (1856-1921) एक प्रख्यात भारतीय इस्लामी विद्वान, न्यायविद, धर्मशास्त्री, तपस्वी, सूफी, और सुधारक थे। उन्होंने इस्लामी विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की और 1000 से अधिक पुस्तकें लिखीं। उनकी शायरी, विशेष रूप से उनकी नातें, पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) के प्रति उनके गहरे प्रेम और भक्ति के लिए जानी जाती हैं। “जाने वाले नहीं आने वाले” उनकी सबसे प्रसिद्ध नातों में से एक है।


जाने वाले नहीं आने वाले – नात के बोल

आंखें रो रो के सुजाने वाले
जाने वाले नहीं आने वाले

सुन ले आदा मैं बिगाड़ने का नहीं
वो सलामत हैं बनाने वाले

आंखें कुछ कहती हैं तुझ से पैगाम
ओ-दारे यार के जाने वाले

फिर ना करवट ली मदीने की तरफ
अरे चल झूठे बहाने वाले

नफ़्स मैं ख़ाक हुआ तू ना मिटा
ऐ मेरी जान के खाने वाले

जीते क्या देख के हैं ऐ हुरो
तैयबा से खुल्द मैं आने वाले

साथ ले लो मुजे मैं मुजरिम हूं
राह में पड़ते हैं थाने वाले

कोई दिन मैं ये सारा औजाड़ है
आओ-छावनी छाने वाले

जबह होते हैं वतन से बिछड़े
डेल क्यो गेट हैं गाने वाले

अरे बुरे फल हरी होती हैं
डेल का जंगला सुनाने वाले

हुस्न तेरा सा ना देखा ना सुना
कहते हैं अगले जमाने वाले

वही धूम इन कि है माशाअल्लाह
मिट गए आप मिटाने वाले

क्यों "रज़ा" आज गली सुनी है
उठ मेरे धूम मचाने वाले

H3: हिंदी लिप्यंतरण (हिन्दी)

Code
आंखें रो रो के सुजाने वाले
जाने वाले नहीं आने वाले

सुन ले आदा मैं बिगाड़ने का नहीं
वो सलामत हैं बनाने वाले

आंखें कुछ कहती हैं तुझ से पैगाम
ओ-दारे यार के जाने वाले

फिर ना करवट ली मदीने की तरफ
अरे चल झूठे बहाने वाले

नफ़्स मैं ख़ाक हुआ तू ना मिटा
ऐ मेरी जान के खाने वाले

जीते क्या देख के हैं ऐ हुरो
तैयबा से खुल्द मैं आने वाले

साथ ले लो मुजे मैं मुजरिम हूं
राह में पड़ते हैं थाने वाले

कोई दिन मैं ये सारा औजाड़ है
आओ-छावनी छाने वाले

जबह होते हैं वतन से बिछड़े
डेल क्यो गेट हैं गाने वाले

अरे बुरे फल हरी होती हैं
डेल का जंगला सुनाने वाले

हुस्न तेरा सा ना देखा ना सुना
कहते हैं अगले जमाने वाले

वही धूम इन कि है माशाअल्लाह
मिट गए आप मिटाने वाले

क्यों "रज़ा" आज गली सुनी है
उठ मेरे धूम मचाने वाले

H3: गुजराती लिप्यंतरण (ગુજરાતી)

Code
આંખેં રો રો કે સુજાને વાલે
જાને વાલે નહીં આને વાલે

સુન લે આદા મેં બિગાડને કા નહીં
વો સલામત હૈં બનાને વાલે

આંખેં કુછ કહતી હૈં તુજ સે પૈગામ
ઓ-દારે યાર કે જાને વાલે

ફિર ના કરવટ લી મદીને કી તરફ
અરે ચલ ઝૂઠે બહાને વાલે

નફ્સ મેં ખાક હુઆ તૂ ના મિટા
ઐ મેરી જાન કે ખાને વાલે

જીતે ક્યા દેખ કે હૈં ઐ હુરો
તૈયબા સે ખુલ્દ મેં આને વાલે

સાથ લે લો મુજે મેં મુજરિમ હું
રાહ મેં પડતે હૈં થાને વાલે

કોઈ દિન મેં યે સારા ઔજાળ હૈ
આઓ-છાવની છાને વાલે

જબહ હોતે હૈં વતન સે બિછડે
ડેલ ક્યો ગેટ હૈં ગાને વાલે

અરે બુરે ફલ હરી હોતી હૈં
ડેલ કા જંગલા સુનાને વાલે

હુસ્ન તેરા સા ના દેખા ના સુના
કહતે હૈં અગલે જમાને વાલે

વહી ધૂમ ઇન કિ હૈ માશાઅલ્લાહ
મિટ ગયે આપ મિટાને વાલે

ક્યોં "રઝા" આજ ગલી સુની હૈ
ઉઠ મેરે ધૂમ મચાને વાલે

H3: रोमन अंग्रेजी लिप्यंतरण (Roman English)

Aankhein ro ro ke sujane wale
Jaane wale nahi aane wale

Sun le aada main bigadne ka nahi
Wo salamat hain banane wale

Aankhein kuch kehti hain tujh se paigaam
O-dare yaar ke jaane wale

Phir na karwat li Madine ki taraf
Are chal jhoothe bahane wale

Nafs main khaak hua tu na mita
Ae meri jaan ke khane wale

Jeete kya dekh ke hain ae huro
Tayba se khuld main aane wale

Saath le lo mujhe main mujrim hoon
Raah mein padte hain thane wale

Koi din main ye saara aujad hai
Aao-chhawni chhane wale

Zabah hote hain watan se bichhde
Del kyo gate hain gaane wale

Are bure fal hari hoti hain
Del ka jangla sunane wale

Husn tera sa na dekha na suna
Kehte hain agle zamane wale

Wohi dhoom in ki hai Masha'Allah
Mit gaye aap mitane wale

Kyun "Raza" aaj gali suni hai
Uth mere dhoom machane wale

आंतरिक और बाहरी लिंक

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