Ya Khuda Behr-e-Janaab-e-Mustafa Imdaad Kun Lyrics (4 Languages)

Ya Khuda Behr-e-Janaab-e-Mustafa Imdaad Kun Lyrics (4 Languages)

“या ख़ुदा बहर-ए-जनाब-ए-मुस्तफ़ा इमदाद कुन” यह सिर्फ़ एक इस्तिग़ासा (मदद की पुकार) नहीं, बल्कि एक आशिक़-ए-रसूल के दिल की वो सदा है जो हर मुश्किल में अपने आक़ा (स.अ.व.) को पुकारता है। इस शाहकार कलाम को इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत, आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) ने अपनी क़लम से सजाया है।

यह इस्तिग़ासा उर्दु और फ़ारसी ज़बान का एक निहायत ही ख़ूबसूरत संगम है। इसमें आला हज़रत पहले अल्लाह की बारगाह में उसके महबूब का वास्ता देते हैं और फिर सीधे हुज़ूर नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को उनकी शानों के ज़िक्र के साथ मदद के लिए पुकारते हैं। इस पेज पर आपको इस रूहानी कलाम के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।

इस्तिग़ासा की जानकारी (Istighasa Information Table)

 

फीचर (Feature)विवरण (Details)
कलाम का उनवानया ख़ुदा बहर-ए-जनाब-ए-मुस्तफ़ा इमदाद कुन
शायर (Poet)इमाम अहमद रज़ा ख़ान ‘आला हज़रत’ बरेलवी
किताब (Book)हदाएक़-ए-बख़्शिश (Hadaiq-e-Bakhshish)
कलाम की क़िस्मइस्तिग़ासा (Istighasa – Plea for Help)

“Ya Khuda Behr-e-Janaab-e-Mustafa” Full Istighasa Lyrics

Urdu Lyrics (اردو کے بول)

یا خدا بہرِ جنابِ مصطفٰی امداد کُن
یا رسولَ اللہ از بہرِ خدا امداد کُن

یا شفیعَ المُذنِبِیں یا رحمۃً لِّلْعٰلَمِیں
یا اَمانَ الخائفیں یا ملتجے امداد کُن

اے مُغِیْث اے غَوْث اے غَیْث اے غِیاثِ نَشْأتیں
اے غَنی اے مُغْنی اے صاحبِ حیا امداد کن

بندۂ مولیٰ و مولائے تمامی بَندگان
اے زِ عالَم بیش و بیش از تو خدا امداد کن

Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)

या ख़ुदा बहर-ए-जनाब-ए-मुस्तफ़ा इमदाद कुन,
या रसूलल्लाह अज़ बहर-ए-ख़ुदा इमदाद कुन।

या शफ़ी-उल-मुज़निबीं या रहमतल-लिल-आलमीं,
या अमान-अल-ख़ाइफ़ीं या मुल्तजे इमदाद कुन।

ऐ मुग़ीस, ऐ ग़ौस, ऐ ग़ैस, ऐ ग़ियास-ए-नश्अतैं,
ऐ ग़नी, ऐ मुग़नी, ऐ साहिब-ए-हया इमदाद कुन।

बंदा-ए-मौला व मौला-ए-तमामी बंदगाँ,
ऐ ज़े आलम बेश-ओ-बेश अज़ तो ख़ुदा इमदाद कुन।

Roman English Lyrics

Ya Khuda behr-e-Janaab-e-Mustafa imdaad kun,
Ya RasoolAllah az behr-e-Khuda imdaad kun.

Ya Shafi-ul-Muznibeen ya Rehmatal-lil-Aalameen,
Ya Amaan-al-Khaifeen ya multaje imdaad kun.

Aye Mughees, aye Ghaus, aye Ghais, aye Ghiyaas-e-nash’atain,
Aye Ghani, aye Mughni, aye saahib-e-haya imdaad kun.

Banda-e-Maula o Maula-e-tamaami bandagaan,
Aye ze aalam besh-o-besh az to Khuda imdaad kun.

Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)

યા ખુદા બહર-એ-જનાબ-એ-મુસ્તફા ઇમદાદ કુન,
યા રસૂલલ્લાહ અઝ બહર-એ-ખુદા ઇમદાદ કુન.

યા શફી-ઉલ-મુઝનિબીં યા રહમતલ-લિલ-આલમીં,
યા અમાન-અલ-ખાઇફીં યા મુલ્તજે ઇમદાદ કુન.

ઐ મુગીસ, ઐ ગૌસ, ઐ ગૈસ, ઐ ગિયાસ-એ-નશ્અતૈં,
ઐ ગની, ઐ મુગની, ઐ સાહિબ-એ-હયા ઇમદાદ કુન.

બંદા-એ-મૌલા વ મૌલા-એ-તમામી બંદગાઁ,
ઐ ઝે આલમ બેશ-ઓ-બેશ અઝ તો ખુદા ઇમદાદ કુન.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

Q1. इस कलाम का शायर कौन है?

इस शाहकार इस्तिग़ासा के शायर इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत, आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िल-ए-बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) हैं।

Q2. “इमदाद कुन” का क्या मतलब है?

“इमदाद कुन” एक फ़ारसी जुमला है जिसका मतलब है “मदद फ़रमाइए” या “सहायता कीजिए”। शायर इस कलाम में अल्लाह और उसके रसूल (स.अ.व.) से मदद तलब कर रहा है।

ज़रूरी लिंक्स (Important Links)

 

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