रहबर-ओ-ताज-ए-शरीअ़त है आज भी | Rehbar o Taaj e Shariat Hai Aaaj Bhia Naat Lyrics
रहबर-ओ-ताज-ए-शरीअ़त है आज भी, मोह्सिन-ए-कुल अहल-ए-सुन्नत है आज भी। जो बोलते हैं आप के ख़िलाफ़ आज भी, सब फत्वों से …
रहबर-ओ-ताज-ए-शरीअ़त है आज भी, मोह्सिन-ए-कुल अहल-ए-सुन्नत है आज भी। जो बोलते हैं आप के ख़िलाफ़ आज भी, सब फत्वों से …