Mustafa-e-Zaat-e-Yakta Aap Hain Lyrics (4 Languages) | Akhtar Raza Khan

Mustafa-e-Zaat-e-Yakta Aap Hain Lyrics (4 Languages) | Akhtar Raza Khan

“मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैं” एक ऐसी नात-ए-पाक है जो सीधे दिल में उतर जाती है और हुज़ूर नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की बेमिसाल ज़ात का तसव्वुर पेश करती है। इस शाहकार कलाम को अपने वक़्त के अज़ीम फ़क़ीह और शायर, जानशीन-ए-आला हज़रत, हुज़ूर ताजुश्शरिया अल्लामा अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ (रहमतुल्लाह अलैह) ने लिखा है।

इस कलाम का हर शेर हमारे आक़ा की यकताई (uniqueness) को बयान करता है कि आपकी तरह कोई नहीं है और न हो सकता है। इस पेज पर आपको इस ख़ूबसूरत नात के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।

नात की जानकारी (Naat Information Table)

फीचर (Feature)विवरण (Details)
कलाम का उनवानमुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैं
शायर (Poet)हुज़ूर ताजुश्शरिया अल्लामा अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’
मशहूर नात-ख़्वाँओवैस रज़ा क़ादरी, डॉ. निसार अहमद मारफ़ानी, असद इक़बाल
कलाम की क़िस्मनात-ए-पाक

“Mustafa-e-Zaat-e-Yakta Aap Hain” Full Naat Lyrics

Urdu Lyrics (اردو کے بول)

مصطفائے ذاتِ یکتا آپ ہیں
یک نے جس کو یک بنایا، آپ ہیں

آپ جیسا کوئی ہو سکتا نہیں
اپنی ہر خوبی میں تنہا آپ ہیں

آپ کی طلعت خدا کا آئینہ
جس میں چمکے حق کا جلوہ، آپ ہیں

آپ کی خاطر بنائے دو جہاں
اپنی خاطر جو بنایا، آپ ہیں

آپ کی طلعت کو دیکھا، جان دی
قبر میں پہنچا تو دیکھا آپ ہیں

بر درت آمد گدا بہرِ سوال
ہو بھلا اخترؔ کا، داتا آپ ہیں

Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)

मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैं,
यक ने जिस को यक बनाया, आप हैं।

आप जैसा कोई हो सकता नहीं,
अपनी हर ख़ूबी में तन्हा आप हैं।

आप की तल’अत ख़ुदा का आईना,
जिस में चमके हक़ का जल्वा, आप हैं।

आप की ख़ातिर बनाए दो जहाँ,
अपनी ख़ातिर जो बनाया, आप हैं।

आप की तल’अत को देखा, जान दी,
क़ब्र में पहुँचा तो देखा आप हैं।

बर दरत आमद गदा बहर-ए-सुवाल,
हो भला अख़्तर का, दाता आप हैं।

Roman English Lyrics

Mustafa-e-Zaat-e-Yakta aap hain,
Yak ne jis ko yak banaaya, aap hain.

Aap jaisa koi ho sakta nahin,
Apni har khoobi mein tanha aap hain.

Aap ki tal’at Khuda ka aaina,
Jis mein chamke Haq ka jalwa, aap hain.

Aap ki khaatir banaye do jahan,
Apni khaatir jo banaya, aap hain.

Aap ki tal’at ko dekha, jaan di,
Qabr mein pahuncha to dekha aap hain.

Bar darat aamad gada bahr-e-suwaal,
Ho bhala Akhtar ka, daata aap hain.

Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)

મુસ્તફા-એ-ઝાત-એ-યકતા આપ હૈં,
યક ને જિસ કો યક બનાયા, આપ હૈં.

આપ જૈસા કોઈ હો સકતા નહીં,
અપની હર ખૂબી મેં તન્હા આપ હૈં.

આપ કી તલઅત ખુદા કા આઇના,
જિસ મેં ચમકે હક કા જલવા, આપ હૈં.

આપ કી ખાતિર બનાએ દો જહાં,
અપની ખાતિર જો બનાયા, આપ હૈં.

આપ કી તલઅત કો દેખા, જાન દી,
કબ્ર મેં પહુંચા તો દેખા આપ હૈં.

બર દરત આમદ ગદા બહર-એ-સુવાલ,
હો ભલા અખ્તર કા, દાતા આપ હૈં.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

Q1. यह नात किसने लिखी है?

यह शाहकार नात-ए-पाक हुज़ूर ताजुश्शरिया, अल्लामा मुफ़्ती मोहम्मद अख़्तर रज़ा ख़ान क़ादरी ‘अज़हरी’ (रहमतुल्लाह अलैह) ने लिखी है। आप आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान के परपोते हैं।

Q2. “मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता” का क्या मतलब है?

“मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता” का मतलब है “वो चुनी हुई ज़ात जो अपनी मिसाल आप है” या “अद्वितीय और बेमिसाल चुनी हुई हस्ती”। “यकता” का मतलब होता है अकेला, अनोखा, बेमिसाल।

ज़रूरी लिंक्स (Important Links)

  • YouTube पर सुनें: इस नात को ख़ूबसूरत आवाज़ों में सुनें।
  • शायर के बारे में जानें: हुज़ूर ताजुश्शरिया के बारे में और पढ़ें।
  • हमारी वेबसाइट पर ताजुश्शरिया के दूसरे कलाम पढ़ें।

 

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