ishq ma ham panchhi kah layenge lyrics

इश्क मा हम पंछी कहेलाएंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

तैयबा नगर का हम है कबूतर
मीनार ओ गुंबद हमारा तो है घर
रोज़े का फेरा लगाएंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

इश्क मा हम पंछी कहेलाएंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

खुशियों की जहान है कोई गम नहीं है
तैयबा नगर खुल्द से कम नहीं है
ज़म ज़म से हर घड़ी नहायेंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

इश्क मा हम पंछी कहेलाएंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

आका के गांव में खजुरो की छाओं में
दिलकश हवा में मोअत्तर फ़ज़ाओं में
छोटा से एक घर बनाएंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

इश्क मा हम पंछी कहेलाएंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

परवाज़ को पर दे दे या रब्ब
नात कहने का हुनर ​​दे दे या रब्ब
आका को जकार सुनाऐंगे
नबी नबी कह के मदीना उड जाएंगे

Written By Haider Parwaz

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