Mera Dil Aur Meri Jaan Madine Waale: Lyrics, Meaning & Full Details
“मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले” एक ऐसा रूहानी कलाम है जो सीधे दिल में उतर जाता है और सुनने वाले की आँखों को नम कर देता है। यह नात शरीफ़ सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नहीं, बल्कि इश्क़-ए-रसूल में डूबे एक सच्चे आशिक़ के जज़्बात हैं। इस शाहकार कलाम के खालिक़ महान सूफ़ी शायर हज़रत बेदम शाह वारसी (R.A) हैं, जिनकी क़लम ने इश्क़ और अक़ीदत को अल्फ़ाज़ का लिबास पहनाया है।
यह पेज “Mera Dil Aur Meri Jaan Madine Waale” नात शरीफ़ के लिए एक मुकम्मल रहनुमा (Complete Guide) है। यहाँ आपको न सिर्फ़ इसके पूरे बोल (Full Lyrics) हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती में मिलेंगे, बल्कि इसका गहरा मतलब, शायर का तार्रुफ़ और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी मिलेंगे, ताकि आपको कहीं और जाने की ज़रूरत न पड़े।
नात का मरकज़ी ख़याल (Central Theme of the Naat)
इस नात का हर शेर एक अलग कैफियत और जज़्बे को बयां करता है। इसके मुख्य विषय यह हैं:
- इश्क़-ए-रसूल की इंतेहा: शायर अपना दिल, अपनी जान, सब कुछ मदीने वाले आक़ा पर क़ुर्बान करने की बात कर रहा है।
- आजिज़ी और इंकिसारी: वह खुद को “बे-सर-ओ-सामान” (जिसके पास कुछ न हो) और “सग-ए-तयबा” (मदीने का कुत्ता) कहता है, जो अल्लाह के महबूब के सामने उसकी विनम्रता की इंतेहा है।
- मदीना शरीफ़ की आरज़ू: “फिर तमन्ना-ए-ज़ियारत ने किया दिल बेचैन” शेर में मदीना जाने की तड़प साफ़ झलकती है।
- शफ़ाअत की उम्मीद: “हश्र में तुम मेरे ऐबों को छुपाए रखना” कह कर शायर क़यामत के दिन रसूलल्लाह (स.अ.व.) की शफ़ाअत (सिफारिश) का तलबगार है।
शायर के बारे में: हज़रत बेदम शाह वारसी (R.A)
हज़रत बेदम शाह वारसी 20वीं सदी के एक बहुत ही आला दर्जे के सूफ़ी शायर थे। आपका ताल्लुक़ वारसी सिलसिले से था। आपकी शायरी में इश्क़-ए-हक़ीक़ी (अल्लाह से प्रेम) और इश्क़-ए-मजाज़ी (नबी से प्रेम) का बहुत ही खूबसूरत संगम मिलता है। “मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले” आपकी सबसे मशहूर और मक़बूल नातों में से एक है।
“Mera Dil Aur Meri Jaan Madine Waale” के पूरे बोल (Full Lyrics)
पेश है इस दिलकश नात शरीफ़ के मुकम्मल बोल चार अलग-अलग भाषाओं में।
Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)
मेरा दिल और मेरी जान, मदीने वाले !
तुझ पे सौ जान से क़ुर्बान, मदीने वाले !भर दे भर दे, मेरे दाता ! मेरी झोली भर दे
अब न रख बे-सर-ओ-सामान, मदीने वाले !सब के मतलूब का महबूब है, मतलूब है तू
अल्लाह अल्लाह रे ! तेरी शान, मदीने वाले !काम आती है तेरी ज़ात हर इक दुखिया के
मेरी मुश्किल भी हो आसान, मदीने वाले !फिर तमन्ना-ए-ज़ियारत ने किया दिल बेचैन
फिर मदीने का है अरमान, मदीने वाले !लिख दे लिख दे मेरी क़िस्मत में मदीना लिख दे
है तेरी मिल्क क़लम-दान, मदीने वाले !हश्र में तुम मेरे ‘ऐबों को छुपाए रखना
हूँ गुनाहों पे पशेमान, मदीने वाले !तेरा दर छोड़ के जाऊँ तो कहाँ जाऊँ मैं
मेरे आक़ा, मेरे सुलतान, मदीने वाले !सग-ए-तयबा मुझे सब कह के पुकारें, बेदम !
यही रखें मेरी पहचान, मदीने वाले !
Roman English Lyrics
Mera dil aur meri jaan, madine waale !
Tujh pe sau jaan se qurbaan, madine waale !Bhar de bhar de, mere daata ! meri jholi bhar de
Ab na rakh be-sar-o-saamaan, madine waale !Sab ke matloob ka mahboob hai, matloob hai tu
Allah allah re ! teri shaan, madine waale !Kaam aati hai teri zaat har ik dukhiya ke
Meri mushkil bhi ho aasaan, madine waale !Phir tamanna-e-ziyaarat ne kiya dil bechain
Phir madine ka hai armaan, madine waale !Likh de likh de meri qismat mein madina likh de
Hai teri milk qalam-daan, madine waale !Hashr mein tum mere ‘aibo.n ko chhupaae rakhna
Hoon gunaaho.n pe pashemaan, madine waale !Tera dar chhod ke jaaoon to kahaan jaaoon main
Mere aaqa, mere sultaan, madine waale !Sag-e-tayba mujhe sab keh ke pukaarein, Bedam !
Yahi rakhein meri pehchaan, madine waale !
Urdu Lyrics (اردو کے بول)
میرا دل اور میری جان، مدینے والے !
تجھ پہ سو جان سے قربان، مدینے والے !بھر دے بھر دے، میرے داتا ! میری جھولی بھر دے
اب نہ رکھ بے سر و سامان، مدینے والے !سب کے مطلوب کا محبوب ہے، مطلوب ہے تو
اللہ اللہ رے ! تیری شان، مدینے والے !کام آتی ہے تیری ذات ہر اک دکھیا کے
میری مشکل بھی ہو آسان، مدینے والے !پھر تمنائے زیارت نے کیا دل بے چین
پھر مدینے کا ہے ارمان، مدینے वाले !لکھ دے لکھ دے میری قسمت میں مدینہ لکھ دے
ہے تیری ملک قلم دان، مدینے वाले !حشر میں تم میرے عیبوں کو چھپائے रखना
ہوں گناہوں پہ پشیمان، مدینے वाले !تیرا در چھوڑ کے جاؤں تو کہاں جاؤں میں
میرے آقا، میرے سلطان، مدینے والے !سگِ طیبہ مجھے سب کہہ کے پکاریں، بیدم !
یہی رکھیں میری پہچان، مدینے वाले !
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
Q1. “मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले” नात किसने लिखी है?
यह खूबसूरत और मशहूर नात शरीफ़ हज़रत बेदम शाह वारसी (रहमतुल्लाह अलैह) ने लिखी है। वह 20वीं सदी के एक महान सूफ़ी शायर थे।
Q2. इस नात का मुख्य सन्देश क्या है?
इस नात का मुख्य सन्देश पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के प्रति अटूट प्रेम, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण है। इसमें मदीना जाने की गहरी इच्छा और अपने गुनाहों की माफ़ी की तलब भी शामिल है।
Q3. “सग-ए-तयबा” का क्या मतलब है?
“सग-ए-तयबा” का शाब्दिक अर्थ है ‘तैयबा (मदीना) का कुत्ता’। यह शायर द्वारा अपनी विनम्रता और आजिज़ी दिखाने का एक तरीक़ा है, कि वह खुद को मदीना की गलियों की सबसे अदना मखलूक़ के बराबर समझता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
“मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले” सिर्फ एक नात नहीं, बल्कि हर मुसलमान के दिल की आवाज़ है जो अपने आक़ा (स.अ.व.) से बेपनाह मोहब्बत करता है। हज़रत बेदम शाह वारसी ने अपने सादा मगर गहरे अल्फ़ाज़ से इश्क़ के जो जज़्बात पिरोए हैं, वे हमेशा ताज़ा रहेंगे। उम्मीद है कि इस पेज पर दी गई जानकारी आपके लिए मुफ़ीद साबित होगी।