Zindagi Ye Nahin Hai Kisi Ke Liye Lyrics (4 Languages) | Akhtar Raza Khan

Zindagi Ye Nahin Hai Kisi Ke Liye Lyrics (4 Languages) | Wallah Wallah

“ज़िंदगी ये नहीं है किसी के लिए, ज़िंदगी है नबी की नबी के लिए” यह सिर्फ़ एक नात का मिसरा नहीं, बल्कि एक सच्चे आशिक़-ए-रसूल की ज़िंदगी का मक़सद है। इस शाहकार कलाम को अपने वक़्त के अज़ीम फ़क़ीह और शायर, जानशीन-ए-आला हज़रत, हुज़ूर ताजुश्शरिया अल्लामा अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ (रहमतुल्लाह अलैह) ने लिखा है।

इस कलाम में ताजुश्शरिया ने इश्क़-ए-रसूल के तक़ाज़ों, मस्लक-ए-आला हज़रत की अहमियत और एक सुन्नी मुसलमान के अक़ीदे को बड़े ही जोशीले और प्यारे अंदाज़ में बयान किया है। इस पेज पर आपको इस ख़ूबसूरत नात के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।

नात की जानकारी (Naat Information Table)

 

फीचर (Feature)विवरण (Details)
कलाम का उनवानज़िंदगी ये नहीं है किसी के लिए
शायर (Poet)हुज़ूर ताजुश्शरिया अल्लामा अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ बरेलवी
मशहूर नात-ख़्वाँअसद इक़बाल, हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी, डॉ. निसार मारफ़ानी

“Zindagi Ye Nahin Hai Kisi Ke Liye” Full Naat Lyrics

Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)

ज़िंदगी ये नहीं है किसी के लिए,
ज़िंदगी है नबी की, नबी के लिए।

दाग़-ए-‘इश्क़-ए-नबी ले चलो क़ब्र में,
है चराग़-ए-लहद रौशनी के लिए।

मस्लक-ए-आ’ला-हज़रत पे क़ाइम रहो,
ज़िंदगी दी गई है इसी के लिए।

सुल्ह-ए-कुल्ली नबी का नहीं, सुन्नियो!
सुन्नी मुस्लिम है सच्चा नबी के लिए।

अख़्तर-ए-क़ादरी ख़ुल्द में चल दिया,
ख़ुल्द वा है हर इक क़ादरी के लिए।

Roman English Lyrics

Zindagi ye nahin hai kisi ke liye,
Zindagi hai Nabi ki, Nabi ke liye.

Daag-e-ishq-e-Nabi le chalo qabr mein,
Hai charaagh-e-lahad raushni ke liye.

Maslak-e-Aala-Hazrat pe qaaim raho,
Zindagi di gayi hai isi ke liye.

Sulha-e-Kulli Nabi ka nahin, Sunniyo!
Sunni Muslim hai sachcha Nabi ke liye.

Akhtar-e-Qadri khuld mein chal diya,
Khuld waa hai har ik Qadri ke liye.

Urdu Lyrics (اردو کے بول)

زندگی یہ نہیں ہے کسی کے لئے
زندگی ہے نبی کی، نبی کے لئے

داغِ عشقِ نبی لے چلو قبر میں
ہے چراغِ لحد روشنی کے لئے

مسلکِ اعلیٰ حضرت پہ قائم رہو
زندگی دی گئی ہے اسی کے لئے

صلحِ کُلّی نبی کا نہیں، سُنّیو!
سُنّی مسلم ہے سچا نبی کے لئے

اخترِ قادری خلد میں چل دیا
خلد وا ہے ہر اک قادری کے لئے

Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)

ઝિંદગી યે નહીં હૈ કિસી કે લિએ,
ઝિંદગી હૈ નબી કી, નબી કે લિએ.

દાગ-એ-ઇશ્ક-એ-નબી લે ચલો કબ્ર મેં,
હૈ ચરાગ-એ-લહદ રૌશની કે લિએ.

મસલક-એ-આ’લા-હઝરત પે કાઇમ રહો,
ઝિંદગી દી ગઈ હૈ ઇસી કે લિએ.

સુલ્હ-એ-કુલ્લી નબી કા નહીં, સુન્નિયો!
સુન્ની મુસ્લિમ હૈ સચ્ચા નબી કે લિએ.

અખ્તર-એ-કાદરી ખુલ્દ મેં ચલ દિયા,
ખુલ્દ વા હૈ હર ઇક કાદરી કે લિએ.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

Q1. इस नात का शायर कौन है?

इस शाहकार नात के शायर हुज़ूर ताजुश्शरिया, अल्लामा मुफ़्ती मोहम्मद अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) हैं। आप आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान के परपोते हैं।

Q2. “मस्लक-ए-आला हज़रत” का क्या मतलब है?

“मस्लक-ए-आला हज़रत” का मतलब है “आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान का रास्ता”। यह अहले सुन्नत व जमाअत के उस तरीक़े की निशानदेही करता है जो क़ुरान और सुन्नत पर मज़बूती से क़ायम रहने, नबी-ए-करीम (स.अ.व.) और उनके सहाबा की ताज़ीम करने और गुस्ताख़ों से दूरी बनाए रखने की तालीम देता है।

ज़रूरी लिंक्स (Important Links)

 

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