Jahan Bani Ata Kar Dain Lyrics (Hindi, Urdu, Roman & Gujarati)
“जहाँ बानी अता कर दें, भरी जन्नत हिबा कर दें, नबी मुख़्तार-ए-कुल हैं जिसको जो चाहें अता कर दें” यह सिर्फ़ एक शेर नहीं, बल्कि अक़ीदा-ए-अहल-ए-सुन्नत का निचोड़ है। इस शाहकार नात-ए-पाक को अपने वक़्त के अज़ीम फ़क़ीह और शायर, जानशीन-ए-आला हज़रत, हुज़ूर ताजुश्शरिया अल्लामा अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ (रहमतुल्लाह अलैह) ने लिखा है।
इस कलाम में ताजुश्शरिया ने हुज़ूर नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के उन इख़्तियारात (अधिकारों) का ज़िक्र किया है जो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने आपको अता फ़रमाए हैं। यह नात बताती है कि हमारे आक़ा दोनों जहाँ के मालिक-ओ-मुख़्तार हैं। इस पेज पर आपको इस जोशीले कलाम के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।
नात की जानकारी (Naat Information Table)
| फीचर (Feature) | विवरण (Details) |
|---|---|
| कलाम का उनवान | जहाँ बानी अता कर दें |
| शायर (Poet) | हुज़ूर ताजुश्शरिया अल्लामा अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ |
| मुख्य विषय (Theme) | नबी-ए-करीम के इख़्तियारात (अधिकार) |
| कलाम की क़िस्म | नात-ए-पाक |
“Jahan Bani Ata Kar Dain” Full Naat Lyrics
Roman English Lyrics
Jahan baani ata kar dain, bhari Jannat hiba kar dain,
Nabi Mukhtar-e-Kul hain jisko jo chahein ata kar dain.Jahan mein unki chalti hai woh dam mein kya se kya kar dain,
Zameen ko aasmaan kar dain, Surayya ko sara kar dain.Munawwar meri aankhon ko mere Shams-ud-Duha kar dain,
Ghamon ki dhoop mein woh saaya-e-zulf-e-dota kar dain.Nabi se jo ho begaana use dil se juda kar dain,
Pidar, maadar, biradar, maal o jaan un par fida kar dain.Mujhe kya fikr ho ‘Akhtar’ mere yaawar hain woh yaawar,
Balaaon ko jo meri khud giraftaar-e-bala kar dain.
Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)
जहाँ बानी अता कर दें, भरी जन्नत हिबा कर दें,
नबी मुख़्तार-ए-कुल हैं जिसको जो चाहें अता कर दें।जहाँ में उनकी चलती है वो दम में क्या से क्या कर दें,
ज़मीं को आसमाँ कर दें, सुरय्या को सरा कर दें।मुनव्वर मेरी आँखों को मेरे शम्सुद्दुहा कर दें,
ग़मों की धूप में वो साया-ए-ज़ुल्फ़-ए-दोता कर दें।नबी से जो हो बेगाना उसे दिल से जुदा कर दें,
पिदर, मादर, बिरादर, माल-ओ-जाँ उन पर फ़िदा कर दें।मुझे क्या फ़िक्र हो ‘अख़्तर’ मेरे यावर हैं वो यावर,
बलाओं को जो मेरी ख़ुद गिरफ़्तार-ए-बला कर दें।
Urdu Lyrics (اردو کے بول)
جہاں بانی عطا کردیں، بھری جنت ہبہ کردیں
نبی مختار کل ہیں جس کو جو چاہیں عطا کردیںجہاں میں ان کی چلتی ہے وہ دم میں کیا سے کیا کردیں
زمیں کو آسماں کردیں، ثریا کو ثریٰ کردیںمنور میری آنکھوں کو مرے شمس الضحیٰ کردیں
غموں کی دھوپ میں وہ سایۂ زلفِ دوتا کردیںنبی سے جو ہو بیگانہ اسے دل سے جدا کردیں
پدر، مادر، برادر، مال و جاں ان پر فدا کردیںمجھے کیا فکر ہو اخترؔ مرے یاور ہیں وہ یاور
بلاؤں کو جو میری خود گرفتارِ بلا کردیں
Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)
જહાં બાની અતા કર દેં, ભરી જન્નત હિબા કર દેં,
નબી મુખ્તાર-એ-કુલ હૈં જિસકો જો ચાહેં અતા કર દેં.જહાં મેં ઉનકી ચલતી હૈ વો દમ મેં ક્યા સે ક્યા કર દેં,
ઝમીં કો આસમાઁ કર દેં, સુરેયા કો સરા કર દેં.મુનવ્વર મેરી આંખોં કો મેરે શમ્સુદ્દુહા કર દેં,
ગમોં કી ધૂપ મેં વો સાયા-એ-ઝુલ્ફ-એ-દોતા કર દેં.નબી સે જો હો બેગાના ઉસે દિલ સે જુદા કર દેં,
પિદર, માદર, બિરાદર, માલ-ઓ-જાઁ ઉન પર ફિદા કર દેં.મુઝે ક્યા ફિક્ર હો ‘અખ્તર’ મેરે યાવર હૈં વો યાવર,
બલાઓં કો જો મેરી ખુદ ગિરફ્તાર-એ-બલા કર દેં.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
Q1. इस नात का शायर कौन है?
इस शाहकार नात के शायर हुज़ूर ताजुश्शरिया, अल्लामा मुफ़्ती मोहम्मद अख़्तर रज़ा ख़ान ‘अज़हरी’ बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) हैं।
Q2. “नबी मुख़्तार-ए-कुल हैं” का क्या मतलब है?
इसका मतलब है “नबी (स.अ.व.) हर चीज़ के मालिक-ओ-मुख़्तार हैं”। यह अहले सुन्नत का अक़ीदा है कि अल्लाह तआला ने अपने महबूब (स.अ.व.) को पूरी क़ायनात का इख़्तियार अता फ़रमाया है और वो जिसे जो चाहें, अल्लाह के हुक्म से अता कर सकते हैं।
ज़रूरी लिंक्स (Important Links)
- YouTube पर सुनें: असद इक़बाल की आवाज़ में यह नात सुनें।
- शायर के बारे में जानें: हुज़ूर ताजुश्शरिया के बारे में और पढ़ें।
- Read More: ताजुश्शरिया की जीवनी पढ़ें (अज़हरी मिशन)।