Meeran Waliyon Ke Imam De Do Panjtan Ke Naam Lyrics

Meeran Waliyon Ke Imam De Do Panjtan Ke Naam Lyrics

“मीराँ! वलियों के इमाम! दे दो पंज-तन के नाम, हम ने झोली है फैलाई बड़ी देर से”, यह एक ऐसी फ़रियाद है जो हर ग़ुलाम-ए-ग़ौस अपने आक़ा, हज़रत शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी ‘ग़ौस-ए-आज़म’ (रहमतुल्लाह अलैह) की बारगाह में पेश करता है। यह एक निहायत ही ख़ूबसूरत और दिल में उतर जाने वाली मनक़बत है।

इस कलाम में शायर ग़ौस-ए-पाक की अज़मतों का ज़िक्र करते हुए उनसे पंज-तन-ए-पाक (हुज़ूर स.अ.व., हज़रत अली, हज़रत फ़ातिमा, इमाम हसन और इमाम हुसैन) के नाम का सदक़ा माँग रहा है। इस कलाम को ओवैस रज़ा क़ादरी जैसे कई मशहूर नात-ख़्वानों ने अपनी अक़ीदत भरी आवाज़ में पढ़कर दुनिया भर में मक़बूल किया है। इस पेज पर आपको इस रूहानी मनक़बत के मुकम्मल बोल **चार भाषाओं (हिंदी, रोमन, उर्दू और गुजराती)** में मिलेंगे।

मनक़बत की जानकारी (Manqabat Information Table)

 

फीचर (Feature)विवरण (Details)
कलाम का उनवानमीराँ! वलियों के इमाम!
किसकी शान मेंहज़रत शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी ‘ग़ौस-ए-आज़म’
मशहूर नात-ख़्वाँओवैस रज़ा क़ादरी, मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी, जवेरिआ सलीम
कलाम की क़िस्ममनक़बत / इस्तिग़ासा

“Meeran Waliyon Ke Imam” Full Manqabat Lyrics

Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)

मीराँ! वलियों के इमाम! दे दो पंज-तन के नाम,
हम ने झोली है फैलाई बड़ी देर से।
डालो नज़र-ए-करम, सरकार! अपने मँगतों पर इक बार,
हम ने आस है लगाई बड़ी देर से।

मेरे चाँद! मैं सदक़े, आजा इधर भी,
चमक उठे दिल की गली, ग़ौस-ए-आ’ज़म!

तेरा रुत्बा आ’ला न क्यूँ हो, कि मौला!
तू है इब्न-ए-मौला-‘अली, ग़ौस-ए-आ’ज़म!

क़दम गर्दन-ए-औलिया पर है तेरा,
तू है रब का ऐसा वली, ग़ौस-ए-आ’ज़म!

तुम जो बनाओ, बात बनेगी, दोनों जहाँ में लाज रहेगी,
लजपाल! करम अब कर दो, मँगतों की झोली भर दो,
भर दो कासा सब का पंज-तनी ख़ैर से।

Roman English Lyrics

Meeran! waliyon ke imam! De do Panj-tan ke naam,
Hum ne jholi hai phailayi badi der se.
Daalo nazar-e-karam, Sarkaar! Apne mangton par ik baar,
Hum ne aas hai lagayi badi der se.

Mere Chaand! main sadqe, aaja idhar bhi,
Chamak uthe dil ki gali, Ghaus-e-Azam!

Tera rutba aala na kyun ho, ki Maula!
Tu hai ibn-e-Maula-Ali, Ghaus-e-Azam!

Qadam gardan-e-auliya par hai tera,
Tu hai Rab ka aisa wali, Ghaus-e-Azam!

Tum jo banao, baat banegi, dono jahan mein laaj rahegi,
Lajpaal! karam ab kar do, mangton ki jholi bhar do,
Bhar do kaasa sab ka Panj-tani khair se.

Urdu Lyrics (اردو کے بول)

میراں! ولیوں کے امام! دے دو پنجتن کے نام
ہم نے جھولی ہے پھیلائی بڑی دیر سے
ڈالو نظرِ کرم سرکار! اپنے منگتوں پر اک بار
ہم نے آس ہے لگائی بڑی دیر سے

میرے چاند! میں صدقے، آجا ادھر بھی
چمک اٹھے دل کی گلی، غوثِ اعظم!

تیرا رتبہ اعلیٰ نہ کیوں ہو، کہ مولا!
تو ہے ابنِ مولا علی، غوثِ اعظم!

قدم گردنِ اولیا پر ہے تیرا
تو ہے رب کا ایسا ولی، غوثِ اعظم!

تم جو بناؤ، بات بنے گی، دونوں جہاں میں لاج رہے گی
لجپال! کرم اب کر دو، منگتوں کی جھولی بھر دو
بھر دو کاسہ سب کا پنجتنی خیر سے

Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)

મીરાં! વલિયોં કે ઇમામ! દે દો પંજ-તન કે નામ,
હમ ને ઝોલી હૈ ફૈલાઈ બડી દેર સે.
ડાલો નઝર-એ-કરમ, સરકાર! અપને મંગતોં પર ઇક બાર,
હમ ને આસ હૈ લગાઈ બડી દેર સે.

મેરે ચાંદ! મૈં સદકે, આજા ઇધર ભી,
ચમક ઉઠે દિલ કી ગલી, ગૌસ-એ-આ’ઝમ!

તેરા રુત્બા આ’લા ન ક્યું હો, કિ મૌલા!
તૂ હૈ ઇબ્ન-એ-મૌલા-‘અલી, ગૌસ-એ-આ’ઝમ!

કદમ ગર્દન-એ-ઔલિયા પર હૈ તેરા,
તૂ હૈ રબ કા ઐસા વલી, ગૌસ-એ-આ’ઝમ!

તુમ જો બનાઓ, બાત બનેગી, દોનોં જહાં મેં લાજ રહેગી,
લજપાલ! કરમ અબ કર દો, મંગતોં કી ઝોલી ભર દો,
ભર દો કાસા સબ કા પંજ-તની ખૈર સે.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

Q1. इस मनक़बत में “मीराँ” किसे कहा गया है?

इस मनक़बत में “मीराँ” से मुराद हज़रत शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी (रहमतुल्लाह अलैह) हैं, जिन्हें ग़ौस-ए-आज़म, पीरान-ए-पीर और मीराँ बादशाह के लक़ब से भी याद किया जाता है।

Q2. “पंज-तन के नाम” का क्या मतलब है?

“पंज-तन के नाम” से मुराद पंज-तन-ए-पाक, यानी पाँच मुक़द्दस हस्तियों के नाम का सदक़ा है। ये पाँच हस्तियाँ हैं: हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स.अ.व.), हज़रत अली मुर्तज़ा, हज़रत फ़ातिमा-तुज़-ज़हरा, हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन (अलैहिमुस्सलाम)।

ज़रूरी लिंक्स (Important Links)

  • YouTube पर सुनें (Owais Qadri): ओवैस रज़ा क़ादरी की आवाज़ में यह मनक़बत सुनें।
  • Listen on YouTube (Javeria Saleem): जवेरिआ सलीम की आवाज़ में यह कलाम सुनें।
  • और जानें: हज़रत ग़ौस-ए-आज़म के बारे में और पढ़ें।

 

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