Hajiyo Aao Shahenshah Ka Roza Dekho Lyrics (4 Languages)
“हाजियो! आओ शहंशाह का रौज़ा देखो, काबा तो देख चुके काबे का काबा देखो”, यह सिर्फ़ एक नात का मिसरा नहीं, बल्कि इश्क़-ए-रसूल में डूबे उस दिल की आवाज़ है जो दुनिया को मर्तबा-ए-मुस्तफ़ा समझाना चाहता है। यह शाहकार कलाम इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत, आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान ‘फ़ाज़िल-ए-बरेलवी’ (रहमतुल्लाह अलैह) की क़लम का जादू है।
यह नात-ए-पाक आला हज़रत की मशहूर किताब “हदाएक़-ए-बख़्शिश” में मौजूद है। इसमें हज करके लौटे हाजियों से ख़िताब किया जा रहा है कि तुमने अल्लाह का घर तो देख लिया, अब आओ और उस घर के भी घर, यानी “काबे के काबा” हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का रौज़ा-ए-अक़दस देखो।
नात की जानकारी (Naat Information Table)
| फीचर (Feature) | विवरण (Details) |
|---|---|
| कलाम का उनवान | हाजियो! आओ शहंशाह का रौज़ा देखो |
| शायर (Poet) | इमाम अहमद रज़ा ख़ान ‘आला हज़रत’ बरेलवी |
| किताब (Book) | हदाएक़-ए-बख़्शिश (Hadaiq-e-Bakhshish) |
“Hajiyo Aao Shahenshah Ka Roza Dekho” Full Naat Lyrics
Urdu Lyrics (اردو کے بول)
حاجیو! آؤ شہنشاہ کا روضہ دیکھو
کعبہ تو دیکھ چکے کعبے کا کعبہ دیکھورکنِ شامی سے مٹی وحشتِ شامِ غربت
اب مدینے کو چلو صبحِ دل آرا دیکھوآبِ زم زم تو پیا خوب بجھائیں پیاسیں
آؤ جودِ شہِ کوثر کا بھی دریا دیکھوخوب آنکھوں سے لگایا ہے غلافِ کعبہ
قصرِ محبوب کے پردے کا بھی جلوہ دیکھوغور سے سن تو رؔضا! کعبے سے آتی ہے صدا
میری آنکھوں سے مِرے پیارے کا روضہ دیکھو
Hindi Lyrics (हिन्दी बोल)
हाजियो! आओ शहंशाह का रौज़ा देखो,
काबा तो देख चुके, काबे का काबा देखो।रुक्न-ए-शामी से मिटी वहशत-ए-शाम-ए-ग़ुरबत,
अब मदीने को चलो सुब्ह-ए-दिलआरा देखो।आब-ए-ज़मज़म तो पिया, ख़ूब बुझाईं प्यासें,
आओजूद-ए-शह-ए-कौसर का भी दरिया देखो।ख़ूब आँखों से लगाया है ग़िलाफ़-ए-काबा,
क़स्र-ए-महबूब के पर्दे का भी जलवा देखो।ग़ौर से सुन तो रज़ा! काबे से आती है सदा,
मेरी आँखों से मेरे प्यारे का रौज़ा देखो।
Roman English Lyrics
Hajiyo! Aao Shahenshah ka Roza dekho,
Kaaba toh dekh chuke, Kaabe ka Kaaba dekho.Rukn-e-Shaami se miti wehshat-e-shaam-e-ghurbat,
Ab Madine ko chalo subh-e-dil-aara dekho.Aab-e-ZamZam toh piya, khoob bujhaayin pyaasein,
Aao jood-e-Shah-e-Kausar ka bhi dariya dekho.Khoob aankhon se lagaya hai ghilaaf-e-Kaaba,
Qasr-e-Mehboob ke parde ka bhi jalwa dekho.Ghaur se sun toh Raza! Kaabe se aati hai sada,
Meri aankhon se mere Pyaare ka Roza dekho.
Gujarati Lyrics (ગુજરાતી ગીતો)
હાજિયો! આઓ શહેનશાહ કા રૌઝા દેખો,
કાબા તો દેખ ચૂકે, કાબે કા કાબા દેખો.રુક્ન-એ-શામી સે મિટી વહશત-એ-શામ-એ-ગુરબત,
અબ મદીને કો ચલો સુબ્હ-એ-દિલઆરા દેખો.આબ-એ-ઝમઝમ તો પિયા, ખૂબ બુઝાઈં પ્યાસેં,
આઓજૂદ-એ-શહ-એ-કૌસર કા ભી દરિયા દેખો.ખૂબ આંખોં સે લગાયા હૈ ગિલાફ-એ-કાબા,
કસ્ર-એ-મહબૂબ કે પરદે કા ભી જલવા દેખો.ગૌર સે સુન તો રઝા! કાબે સે આતી હૈ સદા,
મેરી આંખોં સે મેરે પ્યારે કા રૌઝા દેખો.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
Q1. यह नात किसने लिखी है?
यह नात-ए-पाक चौदहवीं सदी के मुजद्दिद, इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत, आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िल-ए-बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) ने लिखी है।
Q2. “काबे का काबा” का क्या मतलब है?
यहाँ “काबे का काबा” से मुराद हुज़ूर नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का रौज़ा-ए-मुबारक है। शायर का कहना है कि काबा बेशक अल्लाह का घर है और बहुत अज़मत वाला है, लेकिन उस काबे की भी असल रौनक़ और जान तो साहिब-ए-काबा, यानी हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) हैं। इसलिए उनका रौज़ा गोया काबे का भी काबा है।
ज़रूरी लिंक्स (Important Links)
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