[संगीत]
महीना मोमिन रमजान का सबसे निराला है
महीना मोमन रमन का सबसे निराला है हजारों
बरकत इसमें बड़े एजाज वाला है महीना मोमिन
रमजान का सबसे निराला
है सुनाता हूं तुम्हें एक वाकया रमजान की
बरकत का दिखाता हूं नमूना तुमको मैं
अल्लाह की रहमत का रिवायत है कि एक मर्द
जवा था एक बस्ती में कि जो खोया हुआ रहता
था हरदम हक परस्ती में इबादत में बसर हो
जिंदगी का उसकी मंशा था तरावीह की नमाजो
का तो वो आशिक था शैदा था अभी रमजान के
आने में बाकी एक हता था तसवर में नमाज
रोजा के हर वक्त रहता था
[संगीत]